हिंदी व्याकरण के लिए स्मरण सूत्र (Mnemonics): कारक, रस, समास, संधि, अलंकार और छंद याद करने की ट्रिक SSC के लिए
Rahul Kumar
SSC Exam Expert & Content Editor
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PDF Notes: हिंदी व्याकरण के लिए स्मरण सूत्र (Mnemonics): कारक, रस, समास, संधि, अलंकार और छंद याद करने की ट्रिक SSC के लिए
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हिंदी व्याकरण में कई सूचियाँ याद करनी पड़ती हैं, जैसे कारक, रस, समास और संधि के भेद। स्मरण सूत्र (mnemonics) से ये सूचियाँ आसानी से याद रहती हैं। इस नोट्स में हिंदी व्याकरण के स्मरण सूत्र SSC के लिए दिए गए हैं, साथ में सही तथ्य, अभ्यास प्रश्न और FAQ भी हैं।
ध्यान दें: यहाँ दिए गए वाक्य याद रखने के सहायक वाक्य हैं; परीक्षा में केवल सही तथ्य ही मान्य हैं।
कारक और विभक्ति चिह्न (8 कारक)
| कारक | विभक्ति चिह्न | उदाहरण |
|---|---|---|
| कर्ता | ने | राम ने खाना खाया |
| कर्म | को | उसने मुझको देखा |
| करण | से (साधन के अर्थ में) | वह कलम से लिखता है |
| सम्प्रदान | को, के लिए | माँ ने बच्चे के लिए खिलौना लिया |
| अपादान | से (अलग होने के अर्थ में) | पेड़ से पत्ता गिरा |
| सम्बन्ध | का, के, की, रा, रे, री | यह राम की किताब है |
| अधिकरण | में, पर | पुस्तक मेज़ पर है |
| सम्बोधन | हे, अरे, ओ | हे राम! |
स्मरण सूत्र: “कर्ता ने, कर्म को, करण से, सम्प्रदान को के लिए, अपादान से अलग, सम्बन्ध का के की, अधिकरण में पर, सम्बोधन हे!” इसे एक सांस में बोलने का अभ्यास करें। क्रम है: कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, सम्बन्ध, अधिकरण, सम्बोधन (प्रथम से अष्टम विभक्ति)।
नौ रस
| रस | स्थायी भाव |
|---|---|
| शृंगार | रति |
| हास्य | हास |
| करुण | शोक |
| रौद्र | क्रोध |
| वीर | उत्साह |
| भयानक | भय |
| वीभत्स | जुगुप्सा (घृणा) |
| अद्भुत | विस्मय |
| शान्त | निर्वेद (शम) |
स्मरण सूत्र (रसों का क्रम): “शृंगार हास्य करुण रौद्र वीर भयानक वीभत्स अद्भुत शान्त” — पहले अक्षर: श्रृं हा क रौ वी भ वी अ शां। “श्रृंगार हँसकर करुण रौद्र वीर को भयानक वीभत्स अद्भुत शांत बनाता है” जैसा कोई वाक्य अपने शब्दों में बना लें।
स्थायी भाव की ट्रिक: रति, हास, शोक, क्रोध, उत्साह, भय, जुगुप्सा, विस्मय, निर्वेद – रसों के क्रम में ही याद करें। वात्सल्य (स्थायी भाव: वत्सलता) को कुछ विद्वान दसवाँ रस मानते हैं।
समास के छः भेद
| समास | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| अव्ययीभाव | पहला पद अव्यय और प्रधान | यथाशक्ति, प्रतिदिन, आजन्म |
| तत्पुरुष | दूसरा पद प्रधान; कारक चिह्न का लोप | राजपुत्र (राजा का पुत्र), गंगाजल |
| कर्मधारय | विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध | नीलकमल, चंद्रमुख |
| द्विगु | पहला पद संख्यावाचक | त्रिलोक, पंचवटी, नवरत्न |
| द्वंद्व | दोनों पद प्रधान; और / या से जोड़े जाते हैं | माता-पिता, राम-लक्ष्मण |
| बहुव्रीहि | कोई तीसरा पद प्रधान; अन्य अर्थ | दशानन (रावण), नीलकंठ (शिव) |
स्मरण सूत्र: “अव्ययी तत्पुरुष कर्मधारय द्विगु द्वंद्व बहुव्रीहि” — अ-त-क-द्वि-द्वं-ब। प्रधानता की ट्रिक: अव्ययीभाव में पूर्व पद, तत्पुरुष में उत्तर पद, द्वंद्व में दोनों, बहुव्रीहि में कोई नहीं (तीसरा)।
संधि के तीन भेद
| संधि | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| स्वर संधि | स्वर + स्वर | विद्या + आलय = विद्यालय |
| व्यंजन संधि | व्यंजन + स्वर या व्यंजन | जगत् + ईश = जगदीश |
| विसर्ग संधि | विसर्ग + स्वर या व्यंजन | मनः + हर = मनोहर |
स्मरण सूत्र: “स्व-व्यं-वि” (स्वर, व्यंजन, विसर्ग)। स्वर संधि के पाँच भेद: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण और अयादि — “दी-गु-वृ-य-अ”।
अलंकार के मुख्य भेद
| वर्ग | भेद |
|---|---|
| शब्दालंकार | अनुप्रास, यमक, श्लेष, वक्रोक्ति |
| अर्थालंकार | उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, मानवीकरण, विरोधाभास, भ्रांतिमान, संदेह |
पहचान की ट्रिक: “जैसे, सा, सी, सम” आए तो उपमा; “है” से सीधी एकता हो तो रूपक; “मानो, जानो” आए तो उत्प्रेक्षा; एक ही शब्द के अलग-अलग अर्थ में दोहराव हो तो यमक; एक बार के शब्द से कई अर्थ निकलें तो श्लेष; वर्णों की आवृत्ति हो तो अनुप्रास।
अन्य याद रखने के सूत्र
| विषय | सूत्र |
|---|---|
| स्वर | अ आ इ ई उ ऊ ऋ ए ऐ ओ औ (11 स्वर) |
| व्यंजन | क से ह तक 33 व्यंजन; संयुक्त व्यंजन: क्ष, त्र, ज्ञ, श्र |
| लिंग | पुल्लिंग और स्त्रीलिंग (हिंदी में दो लिंग) |
| वचन | एकवचन और बहुवचन |
| काल | वर्तमान, भूत और भविष्य; भूतकाल के 6 भेद |
| वाच्य | कर्तृ, कर्म और भाव |
| पुरुष | उत्तम (मैं), मध्यम (तुम), अन्य (वह) |
Quick Tips
- कारक का क्रम वाक्य के रूप में बोलकर याद करें।
- रस और उनके स्थायी भाव साथ-साथ याद करें।
- समास में प्रधान पद की ट्रिक याद रखें।
- अलंकार की पहचान के शब्द याद करें: जैसे, सा, मानो।
Quick Revision Points
- कारक 8 हैं; विभक्ति चिह्न ने, को, से, के लिए, से, का/के/की, में/पर, हे।
- रस 9 हैं (वात्सल्य को कुछ लोग 10वाँ मानते हैं)।
- समास 6 हैं: अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व, बहुव्रीहि।
- संधि 3 हैं: स्वर, व्यंजन, विसर्ग।
- द्वंद्व में दोनों पद प्रधान होते हैं।
Practice Questions With Answers
- कर्ता कारक का विभक्ति चिह्न क्या है?
Answer: ने - अधिकरण कारक के विभक्ति चिह्न क्या हैं?
Answer: में, पर - शृंगार रस का स्थायी भाव क्या है?
Answer: रति - करुण रस का स्थायी भाव क्या है?
Answer: शोक - समास के कितने भेद हैं?
Answer: छः - माता-पिता में कौन-सा समास है?
Answer: द्वंद्व समास - दशानन में कौन-सा समास है?
Answer: बहुव्रीहि समास - विद्यालय में कौन-सी संधि है?
Answer: स्वर संधि (दीर्घ) - संधि के कितने भेद हैं?
Answer: तीन: स्वर, व्यंजन और विसर्ग - “जैसे, सा, सी” शब्दों से किस अलंकार की पहचान होती है?
Answer: उपमा अलंकार
How to Practise This Chapter
Practise 10 questions every day and write the steps on paper. Then attempt timed sets from our practice papers and the previous year papers page. See all topics on the Mnemonics notes page, read the previous topic Mnemonics for Physics and Science Units and the next topic Mnemonics for Indian Geography, Neighbours and Rivers.
Frequently Asked Questions
कारक कितने होते हैं?
आठ: कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, सम्बन्ध, अधिकरण और सम्बोधन।
रस कितने होते हैं?
नौ रस माने जाते हैं: शृंगार, हास्य, करुण, रौद्र, वीर, भयानक, वीभत्स, अद्भुत और शान्त।
समास कितने प्रकार के होते हैं?
छः: अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व और बहुव्रीहि।
संधि कितने प्रकार की होती है?
तीन: स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।
स्वर संधि के भेद कौन-से हैं?
दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण और अयादि।
द्वंद्व समास की पहचान क्या है?
इसमें दोनों पद प्रधान होते हैं और बीच में और या या का लोप होता है।
बहुव्रीहि समास की पहचान क्या है?
इसमें कोई तीसरा पद प्रधान होता है और अर्थ अलग निकलता है।
उपमा और रूपक में क्या अंतर है?
उपमा में जैसे या सा जैसे शब्द होते हैं; रूपक में उपमेय और उपमान में एकता मानी जाती है।
क्या स्मरण सूत्र परीक्षा में पूछे जाते हैं?
नहीं, परंतु इनसे तथ्य याद रखने में मदद मिलती है।
क्या यह विषय SSC में पूछा जाता है?
हाँ, SSC की हिंदी परीक्षा में कारक, रस, समास और संधि के प्रश्न आते हैं।
अपादान कारक का चिह्न क्या है?
से (अलग होने के अर्थ में)।
स्मरण सूत्र कैसे बनाएँ?
सूची के पहले अक्षरों से अपना वाक्य बनाएँ।
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Rahul Kumar
SSC Exam Expert & Content Editor
Rahul is a senior SSC exam strategist with 8+ years of experience helping aspirants crack CGL, CHSL and MTS exams. He writes in-depth notification breakdowns, exam pattern guides and preparation strategies.